व्यूज ऑन न्यूज मात्र एक पत्रिका या कुछ विचारों और कुछ कहानियों का संग्रह भर नहीं बल्कि ये एक मुहिम है प्रजातंत्र के चारों स्तंभों को और अधिक मज़बूती देने का।
घटनाओं को महज कुछ लम्हों की कहानी नहीं मान कर उसके पीछे के सच को जानने की कोशिश है व्यूज ऑन न्यूज। समाज की बुराईयों को ही नहीं बल्कि हमारे परिवेश की अच्छाइयों की भी पड़ताल है व्यूज ऑन न्यूज।
कहते हैं आलोचना करना सबसे सरल है लेकिन मुश्किल है गलतियों का समाधान ढ़ूंढ़ना। समाधान ढ़ूंढ़ने की पहल का नाम है व्यूज ऑन न्यूज। और इस पहल में हम आपको भी जोड़ना चाहते हैं।
हम चाहते हैं कि भारत के शानदार प्रजातांत्रिक इतिहास को बचाने के लिए आप जो कुछ भी कर सकते हैं, वो आप हमें बताएं। प्रजातंत्र के प्रहरी के रूप में आप जिस मीडिया को देखते हैं उसे और अधिक उत्कृष्ट बनाने की कोशिश में आप भी हमारे साथ आएं। आपके और हमारे साथ का नाम है व्यूज ऑन न्यूज।
|